_*📜अनवारे शरिअत {पोस्ट न. 72}*_
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_*💫दुरूद शरीफ़ और मुफीद दुआयें*_
_*👉( 15 ) आईना देख कर पढ़े*_
_*“ अल्हम्दु लिल्लाहि अल्लाहुम्म कमा हस्सन त खल की फ़हस्सिन खुलकी "*_
_*👉( 16 ) जब किसी को रुखसत करे तो यह दुआ पढ़े*_
_*" अस्तौ दि उल्लाह दी न क व अमा न त क व खवाती म अ म लि को सफ़र में जाते वक़्त अहबाब व अइज़्जा से रुखसत होते वक़्त कहे*_
_*“ अस्तौदि उ कुमुल्ला हल्लजी ला युजीउ व दाइअह "*_
_*👉( 17 ) वक़्ते सफ़र यह दुआ पढ़े*_
*"अल्लाहुम्म बि क असूलु व बि क अहूलु व बि क असीरु ” जब सफ़र पर रवाना हो जाये तो यह दुआ पढ़े ।*_
_*" अल्लहुम्म इन्न नस्अलु क फ़ो स फ रिना हाजल बिर्र वत्तक़वा | व मिनल अ म लि मा तिरजा "*_
_*फिर यह दुआ पढ़े*_
_*अल्लाहुम्म हव्विन अलयना हाजस्स फ़ र वत विअन्ना बुअ्दहू अल्लाहुम्म अन्तर साहि बु फ़िस्सफ़रि वल खलीफतु फिल अहलि अल्लाहुम्म इन्नी अऊजु बि क मिव व असाइस्स फ़ रि व कआ बतिल मन जरि व सूइल मुन कल बि फ़िल मालि वल अलि वल व ल दि " ।*_
_*👉( 18 ) सफ़र से वापसी पर यह दुआ पढ़े*_
_*“ आइबू न ताइबू न आबिदू न लिरब्न्निा हामिदू न "*_
_*👉( 19 ) शहर में दाखिल होते वक्त पढ़े*_
_*“ अल्लाहुम्म बारिक लना फोहा " तीन बार “ अल्लाहुम्मरजुकना जनाहा व ह ब्बिना इला अहलिहा व ह ब्बिब सालिही अहलिहा इलयना "*_
_*👉( 20 ) जब मंजिल पर पहुंचे यह दुआ पढ़े*_
_*" रब्बि अनज़िलनी मुनज़लम्मुबारकन व अन त खयरुल्मुनज़िलीन "*_
_*👉( 21 ) आंधी और अंधेरे के वक़्त की दुआ*_
_*" अल्लाहुम्म इन्ना नस्अलु क मिन खयरि हाजिहिरीहि व खरि मा फीहा व खयरी मा उमिरत बिहिव नऊजुबिक मिन शरिहाजिहिरीहि व शरिमा फोहा व शरीमा उमिरतबिहि "*_
*📍समाप्त THE END*
_*बिऔनिही तआला सुम्न बिऔनिरसू लिहिल अअला जल्ल जलालुहु व सल्लल्लाहु तआला अलैहि व सल्लम ।*_
_*📕अनवारे शरिअत सफा, 136//137//138*_
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