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Sunday, September 9, 2018



           _*गुस्ताखे रसूल ﷺ का अन्जाम*_
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*_रिवायत में आता है कि एक दिन इब्लीस शैतान हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम की बारगाह में हाज़िर हुआ और कहा कि रब से मेरी शिफारिश कर दीजिए मैं तौबा करना चाहता हूं, आपने उसके लिए दुआ फरमाई तो मौला फरमाता है कि ऐ मूसा इससे कह दो कि जाकर आदम की क़ब्र को सज्दा करले मैं इसे माफ कर दूंगा, ये बात जब हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम ने मलऊन को बताई तो खबीस कहने लगा कि जब मैंने उनको उनकी ज़िन्दगी में सज्दा नहीं किया तो अब उनकी क़ब्र को सज्दा करूंगा ये कहकर चला गया, यहां तक कि मौला उसको जहन्नम में 1 लाख साल जलाने के बाद निकालेगा और कहेगा कि अब भी आदम को सज्दा करले तो मैं तुझे माफ कर दूंगा इस पर वो इंकार करेगा और हमेशा के लिए जहन्नम में डाला जायेगा_*

_*📕 तफसीर रूहुल बयान, जिल्द 1, सफह 72*_
_*📕 तफसीरे अज़ीज़ी, जिल्द 1, सफह 158*_

*_इब्लीस ने 50000 साल तक अल्लाह की इबादत की यहां तक कि अगर उसके सजदों को जमीन पर बिछाया जाए तो एक बालिश्त जगह भी खाली ना बचे_*

_*📕 ज़रकानी, जिल्द 1, सफह 59*_

*_सोचिये कि जब इब्लीस शैतान लाखों बरस इबादत करने वाला एक नबी यानि हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की तौहीन करने की बनिस्बत लाअनती हो गया तो जो लोग नबियों के सरदार हुज़ूर सल्लललाहो तआला अलैहि वसल्लम की तौहीन कर रहे हैं उनका क्या होगा, उलमाये इकराम फरमाते हैं कि जिसने हुज़ूर की नालैन शरीफ की तौहीन कर दी वो भी काफिर है और आपके नालें पाक के नक्श के लिए आलाहज़रत फरमाते हैं कि_*

*_उलमाये इकराम ने हुज़ूर सल्लललाहो तआला अलैहि वसल्लम की नालैन मुबारक की तस्वीर को अस्ल की तरह बताया और उसकी वही इज़्ज़त और एहतेराम है जो असल की है_*

_*📕 अहकामे तस्वीर, सफह 20*_

*_तो जब नालैन मुबारक की या सिर्फ उसकी नक्ल यानि तस्वीर की तौहीन करने वाला काफिर है तो जो आपकी ज़ात व औसाफ व हाल व अक़वाल की तौहीन करेगा वो कैसे ना काफिर होगा_*

*_ख़ुदा ने जब हज़रत आदम अलैहिस्सलाम का पुतला मुबारक तैयार फरमाया तो फरिश्ते हज़रत आदम अलैहिस्सलाम के इस पुतले मुबारक की ज़ियारत करते थे! मगर शैतान हसद (जलन ) की आग में जल भून गया  !_*

*_एक मर्तबा उस मरदूद ने बुग्ज़ व कीने में आकर हज़रत आदम अलैहिस्सलाम के पुतले मुबारक पर थूक दिया, ये थूक हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की नाफ मुबारक के मक़ाम पर पड़ा! ख़ुदा तआला ने जिबरईल अलैहिस्सलाम को हुक्म दिया कि इस जगह से उतनी मिट्टी निकालकर उस मिट्टी का कुत्ता बना दो  !_*

*_चुनांचे, उस शैतानी थूक से मिली मिट्टी का कुत्ता बना दिया गया ये कुत्ता आदमी से मानूस इसलिए है कि मिट्टी हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की है और पलीद ( गंदा ) इसलिए है कि थूक शैतान का है  ! रात को जागता इसलिए है कि हाथ इसे जिबरईल अलैहिस्सलाम के लगे हैं._*

_📕 *रूहुल बयान, जिल्द 1,सफा 68*_

_*शैतान के थूक से हज़रत आदम अलैहिस्सलाम का कुछ नहीं बिगड़ा बल्कि मकाम ए नाफ शिकम ( पेट ) के लिए जीनत बन गया.*_

_*इसी तरह अल्लाह वालों की बारगाह में गुस्ताखी करने से उन अल्लाह वालों का कुछ नहीं बिगड़ता बल्कि उनकी शान और भी चमकती है  !*_

_*ये भी मालूम हुआ कि अल्लाह वालों को हसद और नफ़रत की निगाह से देखना शैतानी काम है.*_
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Al Waziftul Karima 👇🏻👇🏻👇🏻 https://drive.google.com/file/d/1NeA-5FJcBIAjXdTqQB143zIWBbiNDy_e/view?usp=drivesdk 100 Waliye ke wazai...