Monday, December 3, 2018



_*फैज़ाने सैय्यदना अमीरे मुआविया (पार्ट- 08)*_
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*_❤सहाबा ए किराम मुज्तहिद थे उनमें जो इख्तेलाफ़ हुआ अगर उसमें किसी ने गलती भी की तब भी उन्हें एक नेकी ज़रूर मिली...._*

_*🌹हुज़ूर ﷺ फरमाते हैं :*_

*وإذا حكم فاجتهد ثم أخطأ فله اجر*

_*📝तर्जुमा : और जब फैसला करने और इज्तेहाद करने में उनसे गलती हो तब भी वो सवाब पायेंगे....*_

_*📕 صحيح البخاري،،، جلد-2،،، الصفحة- { 92}*_

_*🌹हज़रत इब्ने अब्बास रदिअल्लाहुु अन्ह का एक कौल तमाम सहाबा के बारे मे पढ़े :*_

*ولا تسبوا اصحاب محمد صلى الله عليه وسلم فلمقام أحدهم ساعة يعنى مع النبى صلى الله عليه وسلم خير من عمل أحدكم اربعين سنة*

_*📝तर्जुमा : तुम मुहम्मद ﷺ के साथ वालों को बुरा न कहो, उनका कुछ देर हुज़ूर के साथ रहना तुम्हारे 40 साल के अमल से बेहतर है।*_

_*📕 شرح العقيدة الطحاوية،،،، الصفحة- { 398}*_

_*कहां सहाबा का मक़ामे बुलंद और कहां ये ज़मीन की पस्तिया?*_

_*🌹रुखे मुस्तफा पर उनकी एक नज़र पड़ी तो सुरईया की बुलंदियों पर उन्हें पहुँचा दिया जो हमारे गुमान से भी वरा है।*_

_*📮जारी रहेगा.....*_
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_*फैज़ाने सैय्यदना अमीरे मुआविया (पार्ट- 09)*_
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_*💡आज से हम अपने मौज़ू (हज़रते सैय्यदना अमीरे मुआविया रदिअल्लाहो तआला अन्ह व उनकी शान) के बारे मे आप सभी को बताएँगे, अल्लाह हम सब को हक बोलने और हक पर अमल करने की तौफीक़ अता फरमाये...*_
_*🌹आमीन या रब्बुल आलमीन*_

_*हज़रत अमीर मुआविया बिन अबु सुफीयान عنهما الله رضي जलीलुल क़दर् सहाबी हैं, आप सहाबी,आपके वालिद सहाबी और आपकी वालिदा सहाबिया हैं। आप पहले शख्स हैं जिन्होंने इस्लाम मे बादशाहत क़ाइम की, नवासए रसूल ﷺ हज़रत सैय्यदना इमामे हसने मुज्तबा عنه تعالى الله رضى ने 6 माह खिलाफत के फराइज़ अन्जाम दे कर अपनी खुशी से हज़रत अमीर मुआविया की बैअत की और बारे खिलाफत हज़रत अमीर मुआविया को सौंपा।*_

_*इमाम हसन की इस सुलाह को हुज़ूर ﷺ ने पसंद फरमाया और पहले ही इसकी बसारत दी थी :*_

*ان ابنى هذا سيد لعل الله ان يصلح به بين فئتين عظيمتين من المسلمين*

_*📝तर्जुमा : मेरा ये बेटा सैय्यद (सरदार) है मुझे उम्मीद है कि अल्लाह पाक इसकेे ज़रिये 2 बड़े गिरोह इस्लाम मे सुलाह करा दे।*_

_*📕 सही बुखा़री, जिल्द 2, पेज-214, हदीस नं.-2704*_

*_तो अब हज़रत अमीर मुआविया पर फिस्क़ वगैरह का तान करने वाला हकी़कतन हज़रत इमाम हसन बल्कि हुज़ूर ﷺ बल्कि यहां तक कि अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त पर तान करता है।_*

_*📮जारी रहेगा.....*_
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_*फैज़ाने सैय्यदना अमीरे मुआविया (पार्ट- 10)*_
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_*लगभग सब जानते हैं कि हज़रत अमीर मुआविआ और उनके वालिद और वालिदा से बुग्ज़ो ईनाद सिर्फ राफज़ियों को है और अब उनके नक्शे कदम पर चलते हुए अजमेर शरीफ के राफ्जी मुजावर भी हुब्बे अली और बुग्ज़े अमीर मुआविया में अपनी राफ्ज़ियत का इज़्हार कर रहे हैं।*_

_*🌹हज़रत अमीर मुआविया अज़ीम सहाबी हैं और कातिबीने वही(वही के लिखने वाले 13 सहाबा मे से एक) हैं अल्लामा इब्ने कसीर लिखते हैं :*_

*وكتب الوحى بين يديه مع الكتاب*

_*📜तर्जुमा : अमीर मुआविया ख़ुतूत की किताबत के साथ वही की किताबत का भी काम करते थे...*_

*📕 البداية والنهاية، جلد-8،، الصفحة- {117}*

_*अगर हज़रत अमीर मुआविया की ज़ात को मजरूह किया जाये तो कुरान और हदीस पर एेतेमाद कैसे किया जा सकता है❓*_

_*जबकि लिखने वालों मे अमीर मुआविया भी हैं और अमीर मुआविया वो जिनको हुज़ूर ﷺ ने इस उम्मत का मामू फरमाया चुंकि आपकी बहन हुज़ूर ﷺ ने निकाह मे थी, आपके लिए हुज़ूर ने ये दुआ भी फरमाई :*_

*اللهم اجعله هاديا مهديا واهديه*

_*📜तर्जुमा : ऐ अल्लाह मुआविया को हिदायत देने वाला और हिदायत याफ्ता बना और इसके ज़रिये लोगों को हिदायत दे।*_

_*📕 तिर्मिजी शरीफ, जिल्द-2, पेज-224*_

_*📮जारी रहेगा.....*_
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_*फैज़ाने सैय्यदना अमीरे मुआविया (पार्ट- 11)*_
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*_हादी व मह्दी बना दे_*

_*हज़रते सय्यिदुना अ़ब्दुर्रह़मान बिन अबी अ़मीरह रदिअल्लाहु अन्ह से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फरमाया:*_

_*📝तर्जुमा : ऐ अल्लाह इन्हें (यानी हज़रते अमीरे मुआविआ) को हादी (हिदायत देने वाला) और मह्दी (हिदायत याफ़्ता) बना दे और इनके ज़रिये से लोगों को हिदायत दे।*_

_*📕 तिर्मिजी किताबुल मनाकिब, बाबुल मनाकिब मुअाविया बिन्त अबु सूफीयान, हदीस नं.-3868 जिल्द 5 सफा नं.455*_

_*हज़रते शाह वलिय्युल्लाह मुहद्दिसे देहलवी रहमतुल्लाह अलैह फरमाते हैं : अल्लाह के रसूल ﷺ ने सैय्यदना अमीरे मुआविया रदिअल्लाहु अन्ह को हिदायत याफ़्ता और ज़रिअए हिदायत फ़रमाया क्यूंकि नबिये करीम ﷺ को मालूम था कि ये मुसलमानों के ख़लीफ़ा बनेंगे।*_

_*📕 इज़ालतूल खे़फा, मक़सद अव्वल, फस्ल 5, बयाने फितन, जिल्द 01, पेज नम्बर 527*_

*_📖 किताब व ह़़िक्मत सिखा दे_*

_*🌹हज़रते सय्यिदुना इ़रबाज़़ बिन सारिया रदिअल्लाहु अन्ह से रिवायत है कि रसूलअल्लाह ﷺ ने अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त की बारगाह में अ़र्ज़ की : ऐ अल्लाह!  मुआविया को किताब का इ़ल्म और ह़िक्मत सिखा और इसे अज़ाब से बचा।*_

_*📕 मोअजमे कबीर,मुस्लिमा बिन मख़लद, जिल्द नम्बर 19, सफ़ा नं.439, हदीस नं.1066, जिसे मजमउज़ जँवाई, किताबुल मनाकिब*_

_*📮जारी रहेगा.....*_
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_*फैज़ाने सैय्यदना अमीरे मुआविया (पार्ट- 12)*_
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*_दुनिया व आख़िरत में मग़फ़िरत याफ़्ता_*

_*🌹उम्मुल मोमिनीन हज़रते सय्यिदतुना आ़इशा सिद्दीक़ा रदिअल्लाहु अन्हा फरमाती हैं:- नबिये करीम ﷺ हज़रते उम्मे ह़बीबा रदिअल्लाहु अन्हा के पास जल्वा फ़रमा थे, किसी ने दरवाज़े पर दस्तक दी, हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया : देखो कौन है*_

_*अर्ज़ की : मुआविया है।*_
_*आप (हुज़ूर ﷺ) ने फरमाया  :- उन्हें बुला लो।*_

_*हज़रते सैय्यदना अमीरे मुआविया रदिअल्लाहु अन्ह ख़िदमते अक़्दस में हाजिर हुए तो आपने कान पर ✒क़लम रखा हुआ था जिसे से आप किताबत फरमाया करते थे, नबिये करीम ﷺ ने फरमाया : मुआविया तुम्हारे कान पर कलम कैसा है❓*_

_*हज़रते सैय्यदना अमीरे मुआविया रदिअल्लाहु अन्ह ने अर्ज़ की : मैं इस कलम को अल्लाह और उसके रसूल के लिए तैय्यार रखता हूँ।*_

_*नबिये करीम ﷺ ने फ़रमाया : अल्लाह तुम्हारे नबी की त़रफ़ से तुम्हें जज़ाए ख़ैर अता फ़रमाये, मेरी ख़्वाहिश है कि तुम सिर्फ़ वही की किताबत किया करो और मैं हर छोटा बड़ा काम अल्लाह की वही से कर*_

_*(यह बात सुन कर) ह़ज़रते सैय्यदतुना उम्मे ह़बीबा रदिअल्लाहु अन्हा उठीं और नबिये करीम ﷺ के रू-बरू बैठ कर अ़र्ज़ की :- या रसूलअल्लाह ﷺ ! क्या अल्लाह मेरे भाई को ख़िलाफ़त अ़त़ा फ़रमाएगा❓*_

_*🌹आप (रसूलअल्लाह ﷺ) ने फ़रमाया :- हां! लेकिन इस में आज़माइश है, आज़माइश है, आज़माइश है।*_

_*उम्मुल मोमिनीन ह़ज़रते सैय्यदतुना उम्मे ह़बीबा रदिअल्लाहु अन्हा ने अर्ज़ की : या रसूलअल्लाह ﷺ आप इनके लिए दुआ़ फ़रमा दीजिए।*_

_*🤲🏻नबिये करीम ﷺ ने दुआ़ की :-*_

_*📝तर्जुमा : "ऐ अल्लाह मुआविया को हिदायत पर साबित क़दमी अ़ता़ फ़रमा, इन्हें हलाकत से मह़फ़ूज़ फ़रमा और दुनिया व आख़िरत में इन की मग़्फ़िरत फ़रमा।"*_
_*(सुभानअल्लाह)*_

_*📕 मोअजमे अहमद, मीन ईस्मेही अहमद, जिल्द 01, पेज नम्बर 497, हदीस नम्बर 1838*_

_*📮जारी रहेगा.....*_
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_*फैज़ाने सैय्यदना अमीरे मुआविया (पार्ट- 13)*_
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        *_✨इसे इ़ल्म व ह़िल्म से भर दे✨_*

_*🌹हज़रते सैय्यदना वहशी रदिअल्लाहु अन्ह फ़रमाते हैं :- एक बार हज़रते सैय्यदना अमीरे मुआविया रदिअल्लाहु अन्ह नबिये करीम ﷺ के साथ सवारी पर बैठे हुए थे। नबिये करीम ﷺ ने इरशाद फ़रमाया :- तुम्हारे जिस्म का कौन सा ह़िस्सा मेरे जिस्म से मस हो रहा है?*_

_*💫"हज़रते सैय्यदना अमीरे मुुआविया  रदिअल्लाहु अन्ह ने अर्ज़ की :- मेरा पेट।"*_

_*🌹नबिये करीम ﷺ ने दुआ फ़रमाई :- ऐ अल्लाह इसे इ़ल्म व ह़िल्म से मा'मूर फ़रमा दे।*_

*_📕 ख़स़ाईसे कुबरा,ज़िक्रुल मोअजज़ात, फि इजाबतूद दाअवात, आख़िर तक, बाबो जामे मिन दाअवातेहि, आख़िर तक, जिल्द 02, पेज नम्बर 293_*

*_🔥आग के त़ौक़ की वई़द_*

_*🌹नबिये करीम, रऊफ़ुर्रहीम ﷺ ने इरशाद फ़रमाया :- ऐ मुआविया जो तेरी फ़ज़ीलत में शक करे वोह क़यामत के रोज यूं उठाया जाएगा कि उसके गले में आग का त़ौक़ होगा।*_

_*📕 तारीख़े इब्ने असाकिर, मोआविया बिन सख़र, जिल्द नम्बर 59, पेज नम्बर 90*_

_*✍🏻टीम: बज़्म-ए-नूरी, भोपाल*_

_*📮जारी रहेगा.....*_
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_*फैज़ाने सैय्यदना अमीरे मुआविया (पार्ट- 14)*_
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_*👉🏻आज कल बहुत ज्यादा देखने और सुनने में आया है कि कुछ लोग डॉ. ताहिरुल पादरी, उनके कुछ चटुए-भटुए और अजमेर शरीफ के कुछ राफ्जी ख़ुद्दाम (कामरान चरसी) कह रहे हैं कि हज़रत अमीरे मुआविया के बारे में कभी किसी मोहद्दिसीन ने उनके मरातिब बयान नहीं किया है और मस्लके आला हजरत वाले जो हज़रत अमीरे मुआविया का अपनी मेहफ़िलों में जिक्र करते हैं ये लोग ख़ारजी है (माज़अल्लाह)।*_

_*इन लोगों की नज़र में मसलके आला हज़रत मसलके ख़ारजीयत का नाम है (माज़अल्लाह सुम्मा माज़अल्लाह) ये सब बातें डॉ. पादरी और राफ्जी ख़ुद्दाम कामरान ने अपने बयान में कहा है, आप लोग YOUTUBE पर इनका बयान सुन सकते हैं।*_

_*💡सच तो ये है कि येे लोग राफ्जियत की तरफ गालिब हो चुके हैं और सिर्फ़ मुहिब्बे अहलेे बैत में, सहाबिये रसूल की गुस्ताख़ी करते हैं, अलहम्दुलिल्लाह हम सुन्नी बरेलवी मुहिब्बे अहले बैत भी हैं और मुहिब्बे सहाबा भी है, हम अहले बैते अत़हर और बिलख़ुसुस हज़रत अली से भी मोहब्बत करते हैं और हम हज़रत अमीरे मुआविया से भी मोहब्बत करते हैं, अगर हज़रत अली पर उँगली उठाओगे तो हम उसका भी जवाब देना जानतेे हैं और बेशक हज़रत अली, मर्तबे में हज़रते अमीरे मुआविया से बहुत आला व अफ़ज़ल हैं और "उनके दरमियान में जो भी इख़्तिलाफात हुए उन्हें अल्लाह की मश्शियत समझ कर ज़बान बन्द रखी जाये" (सरकार गौसेे आज़म)।*_ _(रदिअल्लाहुअन्हु)_

_*🤲🏻अल्लाह एेसे राफ्जी बदअकीदा गुमराह लोगों से हमारी हिफाज़त फरमाये..... आमीन या रब्बुल आलमीन*_

_*📖किताबुल्लाह के अमीन 📖*_

*_🌹हज़रते सैय्यदना इब्ने अब्बास रदिअल्लाहु अन्ह से रिवायत है कि एक दिन हज़रते सैय्यदना जिब्रीले अमीं अलैहिस्सलाम बारगाहे रिसालत में हाजिर हुए और अर्ज़ की :- या रसूलअल्लाह ﷺ अमीरे मुआविया को मेरा सलाम कहिए और उन से हुस्ने सुलूक फ़रमाइए क्यूंकी वोह किताबुल्लाह और वह्'ये इलाही पर अल्लाह के अमीन हैं और वो बहुत अच्छे अमीन हैं।_*

_*📕 मोअजमे अवसत, मिन ईस्मेही अली, जिल्द नम्बर 03, पेज नम्बर 73, हदीस नम्बर 3902, अलबेदाया वन नेहाया, सन साठ हिजरी।*_

_*✍🏻टीम: बज़्म-ए-नूरी, भोपाल*_

_*📮जारी रहेगा.....*_
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Al Waziftul Karima 👇🏻👇🏻👇🏻 https://drive.google.com/file/d/1NeA-5FJcBIAjXdTqQB143zIWBbiNDy_e/view?usp=drivesdk 100 Waliye ke wazai...